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Union Minister ने ‘लांस एंड लीगेसी: बॉलीवुड इन फोकस’ प्रदर्शनी का किया दौरा

Maharashtra महाराष्ट्र: नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में चल रही ‘लेंस एंड लिगेसी: बॉलीवुड इन फोकस’ प्रदर्शनी का शुक्रवार को केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री Kiren Rijiju ने दौरा किया। यह उनके लिए राजधानी के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में से एक का पहला औपचारिक भ्रमण माना गया।
यह प्रदर्शनी भारतीय सिनेमा के विकास को साइलेंट युग से लेकर आधुनिक दौर तक विस्तार से प्रस्तुत करती है। इसमें तस्वीरों, पेंटिंग्स और आर्काइवल सामग्री के माध्यम से बॉलीवुड के ऐतिहासिक सफर को दर्शाया गया है। मंत्री ने प्रदर्शनी की प्रस्तुति और क्यूरेशन की सराहना करते हुए इसे भारतीय फिल्म इतिहास को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
दौरे के दौरान Kiren Rijiju ने प्रदर्शनी में मौजूद विभिन्न अनुभागों का अवलोकन किया और साइलेंट सिनेमा युग से जुड़े दुर्लभ दृश्य एवं दस्तावेजों को विशेष रूप से देखा। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी न केवल फिल्म प्रेमियों के लिए बल्कि युवा पीढ़ी के लिए भी भारतीय सिनेमा की जड़ों को समझने का अवसर प्रदान करती है।
इस अवसर पर नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट की निदेशक निधि चौधरी, फोटोग्राफर प्रदीप चंद्रा, शांतनु दास, सुधारक ओल्वे, लेखक एवं फिल्म इतिहासकार एस.एम.एम. औसजा, नेहा कामत और उप क्यूरेटर श्रुति दास भी उपस्थित रहे। सभी विशेषज्ञों ने मंत्री को प्रदर्शनी के विभिन्न हिस्सों और इसके पीछे की शोध प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
प्रदर्शनी में भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर की दुर्लभ तस्वीरें, पोस्टर और दस्तावेज शामिल हैं, जो दर्शकों को उस समय की फिल्म निर्माण प्रक्रिया और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से परिचित कराते हैं। इसके अलावा, आधुनिक बॉलीवुड के विकास को दर्शाने वाले दृश्य भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
मंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत की सांस्कृतिक विरासत और फिल्म उद्योग के विकास को एक साथ जोड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सिनेमा ने न केवल मनोरंजन के क्षेत्र में बल्कि समाज पर भी गहरा प्रभाव डाला है।
उन्होंने क्यूरेशन टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां देश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और कला परंपरा को समझने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल फिल्मों को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि सिनेमा के माध्यम से भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन को भी दर्शाना है।
कुल मिलाकर, यह दौरा भारतीय सिनेमा के इतिहास और उसकी समृद्ध विरासत को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिसे मंत्री ने अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया।





